Yoga and Meditation | ध्यान के साथ योग या प्राणायाम करने के फ़ायदे

Yoga and Meditation का हमारी जिंदगी में बहुत महत्व हैं। बिना ध्यान दिए हम कोई भी काम पूरा नही कर सकते।  आपने अपनी जिंदगी में ये अपने बड़ों को ये कहते हुए जरूर सुना होगा कि अपना ध्यान रखना, ये काम ध्यान से करना, या जब आपको कोई काम करना याद नही रहा होगा। तब आपने जरूर कहा होगा कि ये काम मुझे ध्यान नही रहा। क्या आपने सोचा है ध्यान क्या है।  ध्यान कैसे हमारी मदद करता है। ध्यान क्यों, कब और कैसे करना चाहिए। दूसरे शब्दों में कहें तो ध्यान का बहुत महत्व है। क्योंकि इसके बिना किसी भी काम को सही ढंग से और पूर्णता से करना मुश्किल हो जाता है।  ध्यान अपने आप को स्थिर करने की वो प्रक्रिया है। जिसके निरंतर अभ्यास से हम बहुत से काम आसानी से कर सकते हैं।
आप उन कामों को भी बहुत आसानी से कर पाएंगे जो आज तक आपके लिए मुश्किल थे। प्राचीन काल के इतिहस से लेकर अब तक ध्यान का महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे ऋषि मुनियों और संत महापुरुषों ने ध्यान की विधि ईजाद की हैं। जिसे हर कोई बिना रोक टोक के कर सकता है। इसके लिए कोई धर्म बदलने या बाहरी दिखावे की जरूरत नही पड़ती।

आइये सबसे पहले समझते हैं कि ध्यान होता क्या है?

आपने अक्सर लोगों को या अपने बड़े बुजर्गों को कहते सुना होगा कि इस काम को ध्यान से करना या ध्यान रखना…… इत्यादि। ध्यान करने का मतलब होता है। कि आप जिस पल में हो उसी को महसूस करें। एन्जॉय करें। अपने ध्यान को उसी वस्तु, चीज या काम पर रखें।

जैसे आप नहा रहें हैं तो आप पानी को महसूस कीजिये। उसकी ठंडक को महसूस करें। उस पल को  वास्तव में जियें और अपने मन को उसी में लगाए रखें। और नहाने का मजा लीजिए। ध्यान एक केंद्र बिंदु है उस काम का जो आप करना चाहते हैं उस पर फोकस कीजिये। यहां ध्यान करने से हमारा मतलब अपने अंदर चल रहे फालतू के विचारों पर काबू पाने या अपने गलत विचारों के ऊपर अच्छे विचारों को रखने से भी हैं।
क्योंकि आज इंसान जिंदगी में तनाव चिंता अवसाद बेवजह की परेशानियां छाई रहती हैं जिस से निजात पाने के लिए ध्यान या मेडिटेशन करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि ध्यान करने से हमारे विचार धीरे धीरे दौड़ना बंद कर देते हैं जिससे हमारा दिमाग किसी भी काम पर अच्छे से लगना शुरू कर देता है। Yoga and Meditation

घर पर ध्यान कैसे करें?

सबसे पहले तो किसी पूर्ण गुरु से गुरुमंत्र हासिल कीजिये। उसके बाद ध्यान में बैठना बहुत आसान हो जाता है। वैसे तो आप ध्यान कभी भी कर सकते हैं। परंतु अगर आप इसका पूरा लाभ लेना चाहते हैं तो आपको ध्यान बैठ कर करना होगा। सबसे पहले आप किसी भी आसान जिसमें बैठना आपको अच्छा लगता है। उस आसन में बैठ जाइए। उसके बाद अपनी दोनों आंखों को बंद करके अपने ध्यान को दोनों आंखों के बीच में केंद्रित कीजिये। इस अभ्यास को आप 5 मिनट से शुरू करके अपने समय को बढ़ा कर घण्टों तक ध्यान कर सकते हैं।

ध्यान के फायदे

वैसे तो ध्यान करने के फायदे इतने हैं कि हम जानकर हैरान रह जाएंगे। चलिए इसके मुख्य लाभ जान लेते हैं। ध्यान करने से निर्णय क्षमता सुधरती है। किसी को काम को करने का आत्म विश्वाश अंदर से आता है। ध्यान करने वाले की आत्म जागरूकता बढ़ने लगती है। अभ्यासी को काम आसान लगने लगते हैं। ऐसा लगने लगता है कि घंटों का काम वो मिनटों में कर देगा।
बुरे विचारों को लगाम लग जाती है। बुरे विचाओं की फ्रीक्वेंसी घट जाती है। सोचने की क्षमता दो से ढाई गुना बढ़ जाती है। जो ध्यान करते हैं वो मुसीबत देख कर नही घबराते। बल्कि उनमें विपरीत परिस्थितियों में भी काम करने की शक्ति आ जाती है। उनमें बर्दाश्त शक्ति इतनी बढ़ जाती है कि वो किसी भी दबाव को काफी हद तक झेलने लग जाते हैं।

ध्यान का वैज्ञानिक महत्व

जो लोग ध्यान को सिर्फ पुराने जमाने की या अनावश्यक सी क्रिया समझते हैं उन लोगों को ये जानने की आवश्यकता है कि ध्यान पुराने समय से तो चलता आ रहा है परंतु इसके वैज्ञानिक महत्व भी है। विश्व की सबसे मशहूर वैज्ञानिक संस्था नासा साइंस केंद्र ने भी अपनी रिसर्च में पाया है कि जो लगातार अपनी दोनों आंखों के बीच ध्यान करते हैं और भगवान के शब्दों को बार बार दोहराते है। तो आकाश से अलग तरह की तरंगें आती हैं और उनके शरीर से टकराकर उनको आत्मविश्वाश से मालामाल कर देती है। जिससे उनके दिमाग को इस्तेमाल करने की शक्ति अपने आप बढ़ जाती हैं।

ध्यान करने का सही समय Yoga and Meditation

हमारे धर्मों और संत महात्माओं के अनुसार ध्यान करने का सही समय सुबह 2 बजे से 5 बजे के बीच का है। इस समय को सर्वोत्तम बताया गया है। वैज्ञानिक नजरिए से भी इस समय का बहुत महत्व है। इस समय में ऑक्सीजन लेवल काफी हद तक बढ़ जाता है। और ध्यान करते समय आप अपनी क्षमता के अनुसार ऑक्सीजन अपने दिमाग को देकर इस समय का भरपूर लाभ ले सकते हैं Yoga and Meditation

ध्यान + योग | Yoga and Meditation

ध्यान के तो अनगिनत फायदे हैं ही परन्तु अगर ध्यान के साथ साथ योग भी किया जाए तो सोने पर सुहागे वाली बात होगी। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखता है।
तो आइए जानते हैं योग क्या है ? हमारे शरीर, दिमाग, भावनाओं, क्रियाओं आदि इन सब का संतुलन ही योग है। तो कुछ यौगिक क्रियाएं है जिनको करने से हमें बहुत से लाभ प्राप्त होते हैं। जिनको करने से बहुत सी योगिक क्रियाओं के हम लाभ ले सकते है। हम कुछ योगिक क्रियाओं का जिक्र कर रहे हैं
  • अनुलोम विलोम
  • कपालभाति
  • भ्रामरी
आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आपके पास समय की कमी है तो आप एक या दो मिनट से शुरू करके पांच पांच मिनट तक इन तीन प्राणायाम को करिए। आपको बहुत फायदा होगा। अनुलोम विलोम आपके दिमाग के दोनों भागों को संतुलित करेगा। गंभीर बीमारियों जैसे कि लकवा में अनुलोम विलोम के परिणाम चमत्कारिक हैं 6 से 9 महीने में या कम से कम 1 साल में मरीज़ पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता हैं
कपालभाति हमारे शरीर की सब नसों नाड़ियों को खोल देता है। सांस को तेज तेज बाहर फेंकने से हमारे दिमाग में वैक्यूम प्रभाव पैदा होता है जिससे दिमाग में जमा प्रदूषित नेनो पार्टिकल्स वैक्यूम प्रेशर की वजह से बाहर आ जाते है। और हमारा दिमाग अच्छे से काम करने लग जाता है।
सारी दुनिया ओंकार से बनी है। तो जैसे जैसे भ्रामरी प्राणायाम को किया जाता है। जब ॐ की ध्वनि का उच्चारण बन्द मुँह से किया जाता है तो गले में कंपन के कारण गले में सुधार आता है। थाइरोइड की समस्या खत्म हो जाती है। और दिमाग शांत हो जाता है। और अच्छे तरीके से काम करने लग जाता है।
याद रहे इन सब क्रियायों को करते समय ध्यान/गुरुमंत्र या भगवान के शब्दों का उच्चारण मन ही मन में करते रहे। अगर आपके पास समय ज्यादा हैं तो आप और भी योगासन कर सकते हैं और ध्यान के साथ योग करके Yoga and Meditation दोनों का भरपूर लाभ उठा सकते हैं।
जय हिंद
By- Mr. Parmod @parmodpalhira